विधायक जी का विकास

बीते दिन एक लड़के ने भरी सभा में अपने एरिया के विधायक से पूछ लिया- आपने अपने क्षेत्र के  लिए क्या काम किया है? सवाल अभी ख़त्म हो ही  रहा था कि विधायक महोदय ने लड़के  को एक ज़ोर का चाटा रसीद दिया। और देखते-देखते वहाँ खरे विधायक जी के  बाक़ी चमचों-बेलचों ने बिना आदेश... Continue Reading →

ब्राह्मण डॉक्टर

हाल में एक दोस्त के इलाज के सिलसिले में हॉस्पिटल गया। हॉस्पिटल के पार्किंग में लगी एक ‘जातीय’ कार ने मेरा ध्यान आकर्षित किया । कार के पीछे वाले शीशे के बीचो-बीच, बड़े-बड़े अक्षरों में ‘ब्राह्मण’ लिखा हुआ था, और एक साइड कोने में छोटे-छोटे पिद्दी अक्षरों में ‘डॉक्टर’ लिखा हुआ था। मैंने सोचा इसके... Continue Reading →

हैपी होली भाई साहब…..

           कुछ दिनो पहले शाम को बस स्टाप पर बस का इंतेज़ार कर रहा था। कोरोना के वजह से बसों में संतुलन बनाए रखने हेतु, मिनटों पहले गुजरी दो बसों से रिजेक्ट होने के कारण काफ़ी फ़्रस्ट्रेटेड था। तभी मेरे सामने आकर एक ऑटो रुक गया। ऑटो वाला चिल्ला रहा था... Continue Reading →

महँगी हुई दोस्ती, महँगा हुआ प्यार!

एक दोस्त ने खाने पर बुलाया। खाना शुरू किया तो पता चला जैन परम्परा के तहत खाने से लहसुन-प्याज़ ग़ायब हैं। मैंने सोचा खाने में तो प्याज़ नहीं है, शायद सलाद में कुछ गुंजाइश हो। मैंने दोस्त से कहा- यार सलाद में थोड़ा प्याज़ मिल सकता है क्या? उसने जवाब दिया- यार प्याज़ 80 रुपय... Continue Reading →

राज घाट की एक्सक्लूसिव एंट्री

यूँ तो बापू अक्सर याद आते रहते हैं। पर पिछले 6-7 वर्षों से कुछ ज्यादा ही याद आ रहे हैं, नहीं भी आते तो कुछ लोग उन्हें फिर से गोली मार कर याद दिला देते हैं। वर्तमान सरकार को तो उनकी याद इतनी सताती है की उन्होंने- उनके बाकी सारे मूल्यों को भुलाकर- उन्हें स्वच्छ... Continue Reading →

डी.टी.सी बस की वर्ल्ड-क्लास सेवा

बीते दिनों सरकार ने विस्थापित अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति, अपने नहीं पड़ोसी मुल्कों के, दिखाते हुए उनको नागरिकता, शरण एवं नौकरी देने हेतु एक अधिनियम लाया जिसके काफी एक्सक्लूसिव होने के कारण हुए तमाम जन-अहसहमतियों के बावजूद हमारे जन-प्रतिनिधियों ने जनतांत्रिक तरीके से उसे पारित कर दिया । मैं उन दिनों एक ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल, जिसको... Continue Reading →

संघर्ष का क्रैश-कोर्स

कुछ दिनों पहले मैंने दरभंगा से सीतामढ़ी जाने के लिए भारतीय-रेल का उपयोग करने का सोचा, हालांकि लम्बी यात्राएँ अक्सर मैं रेल से ही करता हूँ पर कुछ घंटों की छोटी-मोटी यात्राओं क लिए बस या अन्य सड़क यातायात वाहनों का ही उपयोग करता हूँ, खासकर जब मैं बिहार में होता हूँ।तो मैं चढ़ा दरभंगा-रक्सौल... Continue Reading →

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